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कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ ये 7 ज़रूरी बातें?
à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ के 2 घंटे बाद मरीज़ घर जा सकता है।
अगर आपको सीने में दरà¥à¤¦, सांस लेने में तकलीफ या बेचैनी हो रही हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना और टेसà¥à¤Ÿ कराना ही सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका होगा और अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° दिल की किसी बीमारी के बारे में बताता है तो आपको à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ कराने की सलाह दी जा सकती है। लेकिन बहà¥à¤¤ से लोगों को पता नहीं कि à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ में कà¥à¤¯à¤¾ होता है। हमने à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ हारà¥à¤Ÿ इंसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट, पà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤‚टिव कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ à¤à¤‚ड रिहैबिलेशन डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– डॉ. निलेश गौतम से जानने की कोशिश की कि जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ करानी हो तो उसे किन बातों के लिठतैयार रहना चाहिà¤à¥¤
1. ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग यह सवाल पूछते हैं कि à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ से पहले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किस पà¥à¤°à¤•ार की दवाइयों का सेवन रोक देना चाहिà¤à¥¤ तो अगर आप डायबिटीज़ की कोई दवा खाते हैं तो आपको à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ वाले दिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहीं खाना चाहिà¤à¥¤ लेकिन अगर आप खून को पतला करने की कोई दवा काते हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाते रहें।
2. अगर आपकी à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ होनी है तो आपको दो घंटे पहले से कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं खाना है। इसलिठà¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ वाले दिन सà¥à¤¬à¤¹ हलà¥à¤•ा नाशà¥à¤¤à¤¾ करें।
3. आमतौर पर à¤à¤‚जियोंगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ में 15 – 20 मिनट का समय लगता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में केवल इस बात का पता लगाया जाता है कि कहीं दिल में किसी पà¥à¤°à¤•ार की गांठतो नहीं जो रकà¥à¤¤ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में रूकावट डाल रही हो। इसलिठइन बातों का पता लगने से आप आगे की जांच और पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठतैयार रह सकेंगे।
4. à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ के दौरान आपको कोई लोकल à¤à¤¨à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है। इसका मतलब है कि मरीज़ को पता होता है कि उसके आसपास कà¥à¤¯à¤¾ हो रहा है। जबकि सामानà¥à¤¯ à¤à¤¨à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ में मरीज़ को पता नहीं चलता कि उसके साथ कà¥à¤¯à¤¾ हो रहा है। इसलिठतब तक डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¥Ÿà¤«à¥€ के लिठन कहें जब तक कि आप पूरी तरह तैयार न हों।
5. à¤à¤• बार à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ हो जाने के बाद अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚जियोपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ करने की बात कहे तो उसी दिन करा लेना ठीक होता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपके दिल में दोनों बार टà¥à¤¯à¥‚ब डाली जाती है और à¤à¤‚जियोपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ के समय इस टà¥à¤¯à¥‚ब में से केवल à¤à¤• वायर गà¥à¤œà¤¼à¤¾à¤°à¤¾ जाता है।
6. अगर किसी कारणवश, मरीज़ या उसके परिवार का कोई सदसà¥à¤¯ इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से मना कर दे तो टà¥à¤¯à¥‚ब निकाल दी जाती है और मरीज़ को घर à¤à¥‡à¤œ दिया जाता है। मरीज़ को बाद में बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है और फिर à¤à¤• बार टà¥à¤¯à¥‚ब डाली जाती है, जिसका मतलब है कि मरीज़ को उसी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से दोबारा गà¥à¤œà¤¼à¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है।
7. अगर à¤à¤‚जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ हाथों से की जाती है तो मरीज़ दो घंटों के à¤à¥€à¤¤à¤° घर जा सकता है। आजकल इसी पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किया जाता है, जबकि पहले टà¥à¤¯à¥‚ब को गà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¨ की मदद से डाला जाता था। लेकिन गà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¨ से टà¥à¤¯à¥‚ब डाली जाने पर मरीज़ को 6-8 घंटे तक असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में ही रहना होता है।
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